Tuesday, April 29, 2014

...इंतजार तेरा

खुली पलक मे तेरी ज़ुस्तज़ु,बन्द पलको मे दींदार तेरा 
ला-इलाज अब तो है मर्ज़ ये,मै तो हु एक बीमार तेरा 
जगा देँगी ये तडप मेरी,मेरा सोया हुवा मुक़द्दर भी 
तह -ऐ-रूह मे सुलगता है,न जाने कब से इंतजार तेरा 

Wednesday, April 16, 2014

...न छोड़ सकूंगा

छोड़ दूंगा ये दुनिया,पर ये ख्वाब न छोड़ सकूंगा 
वो इबादत है मेरी,मै  ये सवाब न छोड़ सकूंगा
तड़प है सुकु है फिर भी,के है प्यार मुझे उस से 
है कसम उसकी,मै ये इंतख्वाब न छोड़ सकूंगा 

Wednesday, April 2, 2014

...सिलसिला तो देखिये

इन्तेख्वाब मंज़िल ऐ उफक का,मेरा ये हौसला तो देखिये 
रहू जमी पर और छू लू आसमा,मेरा ये फैसला तो देखिये 
माना होंगे काटे हर राह में,मगर है कुछ मजा इसमें भी
अब न रुकुंगा कही,अपनी ज़िद का ये सिलसिला तो देखिये   


उफक---क्षितिज