Saturday, July 30, 2011

तल्खिया -- एक डर

तल्ख़ जुबा वालो,जरा और तल्ख़ी से काम लो
पता तो चले,के ये जहर और कितना है बाकी
ये हो जाये,तो झांक लेना तुम गिरेबा में अपने
जान लोगे,के तुम में ये डर और कितना है बाकी  


Wednesday, July 27, 2011

...गमगुसार बन के

चले आते है वो अक्सर,बड़े ही गम-गुसार बन के
छुपाके उस शगुफे में दरअसल,वो खार ले आते है
जुबा पे न हो,पर तल्खिया नजर आती है आखो में
जताते है ऐसे,के सारे ज़माने का वो प्यार ले आते है