Friday, January 15, 2010

वो ख्वाब क्या हुवे

वो ख्वाब क्या हुवे,जो हकीकत की राह चले थे
वो चराग क्यों बुझे,जो अपनी दुनिया में जले थे
क्या आ के लौट ही जाना था,चमन से बहारो को
क्या दूर ही जाने को हम से,आखिर वो मिले थे

2 comments:

Rahul said...

nice ,very nice

Rahul said...

your blog doesn't have a follow button!!