Wednesday, March 18, 2015

...न मिला पाउंगा

पलकें झुका ली है मैंने,नज़रें न मिला पाउँगा 
ज़ख्म मेरे ख़्वाबों का,तुम्हें न दिखा पाउँगा  
कही ग़म न दे बैठू तुम्हें,मै उम्र भर के लिये  
इक और बोझ ये सीने पे,मैं न उठा पाउँगा  

@ मनिष गोखले... 

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