Saturday, September 3, 2016

माझ्या नुकत्याच प्रकाशित झालेल्या 'दिल की आवाज़ भी सुन' या पुस्तकाच्या निमित्ताने अनेक बारकाव्यांचा अभ्यास करायला मिळाला. 'आरती' चित्रपटातील 'अब क्या मिसाल दूँ' या गाण्याच्या तिसऱ्या कडव्यात
'दीवारों-दर का रंग ये आँचल ये पैरहन, घर का मेरे चराग़ है बूटा सा ये बदन' या ओळी ऐकताना 'बूटा' है शब्द खटकत होता. पण बऱ्याच विचारा अंती मला श्री. विश्वास चिपळूणकर यांनी हि गोष्ट लक्षात आणून दिली की तो शब्द 'बूटा' नसून 'गुठा' असा आहे. अर्थातच गुठा याचा अर्थ सुडौल किंवा बांधेसूद असा आहे. मजरूह साहेबांनी हा शब्द समर्पक वापरलेला आहे.  

Saturday, August 27, 2016

२७ ऑगस्ट... चले जाना ज़रा ठहरो..
दिल जलता है तो जलने दे,आँसू न बहा फ़रियाद न कर। … पासून तर मै पल दो पल का शायर हूँ पर्यन्त
आपला प्रवास करणारे श्रेष्ठ गायक मुकेश यांचा आज ४० वा स्मृतिदिन।
ओह रे ताल मिले नदी के जल में,नदी मिले सागर में,सागर मिले कौनसे जल में,कोई जाने ना.।
शैलेन्द्र नी लिहिलेले हे वास्तव मुकेश च्या आवाजात अजुन समर्पक वाटतं …आणि खरंच मुकेश नावाचा तो समुद्र आपल्या आयुष्यात कसा बे-मालूम पणे मिसळून गेला आहे याचं ही आपल्याला भान उरत नाही।
स्व. मुकेश चन्द्र माथुर यांना अभिवादन.

Friday, August 26, 2016

मेरे महबूब में क्या नहीं -मेरे महबूब/१९६३/नौशाद/शक़ील/लता-आशा/On Screen -साधना-अमिता


ल: मेरे महबूब में क्या नहीं क्या नहीं 
मेरे महबूब में क्या नहीं 
वो तो लाखों में है एक हसीं 
वो तो लाखों में है एक हसीं, एक हसीं 

आ: मेरे महबूब में क्या नहीं, क्या नहीं 
मेरे महबूब में क्या नहीं 
भोली सूरत अदा नाज़नीं 
भोली सूरत अदा नाज़नीं, नाज़नीं 
मेरे महबूब में क्या नहीं, क्या नहीं 
मेरे महबूब में क्या नहीं 
ल: आ ऽ ऽ
 मेरा महबूब एक चाँद है 
 हुस्न अपना निखारे हुवे  
आ: ओ ऽ ऽ
ल: आसमाँ का फ़रिश्ता है वो 
 रूप इंसाँ का धारे हुवे  
आ: ओ ऽ ऽ
ल: रश्क\-ए\-जन्नत है वो महज़बीं 
 रश्क\-ए\-जन्नत है वो महज़बीं, महज़बीं 
 मेरे महबूब में क्या नहीं, क्या नहीं 

आशा: आ ऽ ऽ
माह हो अन्जुम हो या कहकशाँ 
 सबसे प्यारा है मेरा सनम 
ल: आ ऽ ऽ
आ: उसके जलवों में है वो असर 
 होश उड़ जाये अल्लाह क़सम 
लता: आ ऽ ऽ
आ: देख ले गर उसे तू कहीं 
 देख ले गर उसे तू कहीं, तू कहीं 
 मेरे महबूब में क्या नहीं, क्या नहीं 
 मेरे महबूब में क्या नहीं 

ल: मेरा महबूब है जानेमन 
 सर्व कदमाह रूह बदन 
आ: मेरा दिलवर है ऐसा जवाँ 
 हो बहारों में जैसे चमन 
ल: उस की चालों में ऐसी लचक 
 जैसे फूलों कि डाली हिले 
आ: उस की आवाज़ में वो खनक 
 जैसे शीशे से शीशा मिले 
 उस के अंदाज़ है दिलनशीं 
दोनो: भोली सूरत अदा नाज़नीं, नाज़नीं 
 मेरे महबूब में क्या नहीं, क्या नहीं 
 मेरे महबूब में क्या नहीं 

आ: तेरे अफ़सानों में मेरी जाँ 
 है झलक मेरी अफ़सानों की 
ल: दास्तानें है मिलती हुईं 
 अल्लाह हम दोनो परवानों 
दोनो: परवानों की
दोनो: एक ही शमा हो ना कहीं 
 वो तो लाखों में है एक हसीं, एक हसीं 
 मेरे महबूब में क्या नहीं, क्या नहीं  
रश्क़- हेवा वाटणे
रश्के-जन्नत-स्वर्गालाही हेवा वाटावा असा
अंजुम-तारे
माह-चंद्र
कहकशां-आकाशगंगा
सर्व-सुरुचं झाड़ 

Friday, July 29, 2016

नौशाद नय्यर
 नय्यर

टुकड़े है मेरे दिल के -मेरे सनम (G)
हुवे है तुम पे आशिक़ हम- मेरे सनम (G)
मेरी नज़रें हसीं- एक मुसाफिर एक हसीना (P)
न जाने क्यों हमारे दिल को-मुहब्बत ज़िंदगी है (G)
आईये मेहरबा- हावड़ा ब्रिज (P)
बाबूजी धीरे चलना- आरपार (P)
लाखों है यहाँ दिलवाले- किस्मत (G)
जाइये आप कहाँ- मेरे सनम (P)
मैं बम्बई का बाबू-नया दौर (G)
छुपने वाले सामने आ- तुमसा नही देखा (G)



तुम्हे मुहब्बत है हम से माना- एक मुसाफिर एक हसीना
हमदम मेरे खेल न जानो- फिर वही दिल लाया हूँ
मुहब्बत का हाथ जवानी का पल्ला-हावड़ा ब्रिज
इशारो इशारो में दिल लेने वाले- कश्मीर की कली
हाथ आया है जब से- दिल और मुहब्बत
आखो ही आखो में इशारा हो गया-CID
देखो जी देखो मीठी अदा से-माय बाप
उधर तुम हसी हो इधर दिल जवाँ है- MR  & MRS ५५ 

Thursday, July 28, 2016

नौशाद नय्यर
नौशाद

याद में तेरी जाग जाग के हम-मेरे मेहबूब
कोई प्यार की देखे जादूगरी-कोहिनूर
सावन आये या न आये-दिल दिया दर्द लिया
तू है साकी मैं हूँ शराबी शराबी-राम और श्याम
हम से तो अच्छी तेरी पायल गोरी-गंवार
इक शहेंशाह ने बनवा के-लीडर
दिल तोड़नेवाले तुझे दिल ढूँढ रहा है- सन ऑफ़ इंडिया
तन रंग लो जी मन रंग लो-कोहिनूर
तेरे हुस्न की क्या तारीफ़ करू-लीडर

कल के सपने आज भी आना (P)-आदमी
मोहे पनघट पे छेड़ गयो (p)-मुग़ले-आझम
मुहब्बत की झूठी कहानी पे रोये (P)-मुग़ले-आझम
फिर तेरी कहानी याद आयी (p)-दिल दिया दर्द लिया
मेरे मेहबूब तुझे (male/female)-मेरे मेहबूब
इन्साफ का मंदिर है (G)-अमर
दिलरुबा मैंने तेरे प्यार में क्या क्या न किया (G)-दिल दिया दर्द लिया
इश्क़ दीवाना हुस्न भी घायल (g)-संघर्ष
ऐ हुस्न ज़रा जाग तुझे इश्क़ जगाये (G)-मेरे मेहबूब
ओ दुनिया के रखवाले (G)-बैजू बावरा
नैन लड़ जैये (G)-गंगा जमना
ओ दूर के मुसाफ़िर (G)-उड़न खटोला

Tuesday, July 19, 2016

स्वर्गीय मदन मोहन यांच्या पुण्यतिथी दिवशी म्हणजेच १४ जुलै रोजी कोथरूड भागातल्या यशवंतराव नाट्यगृहामध्ये 'मुहब्बत- आगाज़ फिर एक अफ़साने का' विशेष कार्यक्रमाचं आयोजन करण्यात आलं होतं. संकल्पना, निर्मिती आणि निवेदन हेमा शर्मा यांचं होतं. प्रेम आणि प्रेमाच्या विविध छटांचा इंद्रधनू कलेच्या आकाशात निर्माण केला तो पुण्यातील आजच्या आघाडीच्या कलावंतांनी. गोड आवाजाच्या गायिका प्रीती पेठकर तसेच गायन कलेत अत्यंत सक्षम असलेले संतोष भालेराव, अजय राव आणि जयेश शिंपी यांच्या आवाजाने सजलेल्या या महफिलीचा आस्वाद जमलेल्या रसिकांनी भरभरून घेतला. या सुंदर कार्यक्रमाची सुरवात 'जब प्यार किया तो डरना क्या' लताजींच्या ऐतिहासिक गीताने झाली. त्यांनंतर एकापेक्षा एक मंत्रमुग्ध करणाऱ्या गाण्यांचं दालन रसिकांसाठी खुलं करण्यात आलं. 'तुझ को पुकारे मेरा प्यार', 'क्या मौसम है', 'जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा', 'प्यार हुवा चुपके से' व सर्वच गायकांचा सहभाग असलेलं 'आती रहेंगी बहारें अशा प्रकारची अप्रतिम गाणी कलाकारांबरोबरच रसिकांनी देखील गुणगुणली. पल्लवी राव यांच्या यांच्या प्रयत्नातून साकारलेल्या दृक-श्राव्य व्यवस्थेमुळे कार्यक्रमाची रंगत अधिक वाढली. एकंदरीत हेमा शर्मा यांनी सादर केलेला हा आगळा वेगळा प्रयोग निश्चितच वाखाणण्याजोगा होता.   




Monday, July 18, 2016

२१ जुलै निवारा नवी पेठ

प्रस्तावना (मनीष और हेमा)
गुरु तोची देवा (मनीष और हेमा)
अजी रूठकर अब (मनीष और हेमा )
 पिया बिना (हेमा)/प्रीती
दिन ढल जाये (मनीष)/विशाल
अहसान तेरा (हेमा)/जयेश
फूल तुम्हे भेजा है खत में (मनीष)/प्रीती, विशाल
तेरे मेरे मिलन की ये रैना (हेमा)(अपूर्वा, जयेश)
अभी न जाओ छोड़कर (मनीष)(प्रीती,जयेश)
दिल की नज़र से (हेमा)(अपूर्वा/विशाल)
ये दिल तुम बिन कहीं (मनीष)(प्रीती/जयेश)
लग जा गले(हेमा)/अपूर्वा
वो है ज़रा ख़फ़ा ख़फ़ा (मनीष)/प्रीती/जयेश
किसी की मुस्कुराहटों पे (हेमा)/विशाल
तू जहाँ जहाँ चलेगा (मनीष)(प्रीती)
धीरे धीरे चल (हेमा)/अपूर्वा/जयेश
हुवी शाम उनका ख़याल (मनीष)/जयेश
दिल तड़प तड़प के (हेमा)/प्रीती,विशाल
दिल तो है दिल (मनीष)/अपूर्वा
पिया तोसे नैना लागे रे (हेमा)/प्रीती
देखा एक ख्वाब तो (मनीष)अपूर्वा जयेश
जाने मन जाने मन (हेमा)
आ जा सनम (मनीष)/अपूर्वा विशाल
हँसता हुवा नूरानी चेहरा (हेमा )