Tuesday, April 29, 2014

...इंतजार तेरा

खुली पलक मे तेरी ज़ुस्तज़ु,बन्द पलको मे दींदार तेरा 
ला-इलाज अब तो है मर्ज़ ये,मै तो हु एक बीमार तेरा 
जगा देँगी ये तडप मेरी,मेरा सोया हुवा मुक़द्दर भी 
तह -ऐ-रूह मे सुलगता है,न जाने कब से इंतजार तेरा 

Wednesday, April 16, 2014

...न छोड़ सकूंगा

छोड़ दूंगा ये दुनिया,पर ये ख्वाब न छोड़ सकूंगा 
वो इबादत है मेरी,मै  ये सवाब न छोड़ सकूंगा
तड़प है सुकु है फिर भी,के है प्यार मुझे उस से 
है कसम उसकी,मै ये इंतख्वाब न छोड़ सकूंगा 

Wednesday, April 2, 2014

...सिलसिला तो देखिये

इन्तेख्वाब मंज़िल ऐ उफक का,मेरा ये हौसला तो देखिये 
रहू जमी पर और छू लू आसमा,मेरा ये फैसला तो देखिये 
माना होंगे काटे हर राह में,मगर है कुछ मजा इसमें भी
अब न रुकुंगा कही,अपनी ज़िद का ये सिलसिला तो देखिये   


उफक---क्षितिज 

Monday, March 31, 2014

...न दिया

खामोश रखा जुबा को,और अश्क़ो को बहने न दिया 
जला आतिश ऐ उल्फत में,और धुवे को उठने न दिया 
खबर मेरी दीवानगी की फिर भी चली इस ज़माने को 
मेरी आखो ने भेद खोला,मैंने तो लाख खुलने न दिया 



Thursday, February 27, 2014

.....उसने

कुछ इन्किशाफ़ ये भी हुवा,जो यु नजर मिलायी उसने
एक आरजू उधर भी पायी,एक आग सी लगायी उसने 
अल्फाज़ न मिल सके उस झिझक को तो क्या हुवा 
आ के जहान ए तसव्वुर में हर एक दुरी मिटाई उसने 

इन्किशाफ़--राज़ खुल जाना

Thursday, December 12, 2013

...ही रहेगा

ये नफरत ही तेरे प्यार का मयार हो शायद 
मेरे प्यार का उस्लूब बस ये प्यार ही रहेगा 
एक रोज़ तो होंगे मेरे साये तुमसे वाबस्ता 
ता-उम्र मेरी नजर को तेरा इन्तेजार ही रहेगा 

Tuesday, December 3, 2013

...उम्मीद थी

न इन्तहा कि उम्मीद थी,न जूनून कि उम्मीद थी 
तूफा ए जिंदगी में तुमसे जरा सुकून कि उम्मीद थी 
बहके हुवे कदमो से मंजिले मिलती नहीं है कभी 
ऐ हमसफ़र मुझे तुमसे कुछ तवाजुन कि उम्मीद थी