Friday, August 13, 2010

मुस्कुराये कब तक

यु झूठी खुशियों के सहारे मुस्कुराये कब तक
यु अश्को के सैलाब पलकों से टकराए कब तक
रख दू हाथ जो सीने पे तो दिल ये पूछता है
यु काटों पे ये जिंदगी आखिर बिछाए कब तक  

Thursday, August 12, 2010

शब-ए-शाद

रातभर छुपाते है वो मुझको,जुल्फ ओ दामन में
मैं भी खुद को भूल रहा,महकी हुवी चिलमन में
ऐ वक़्त ठहर जा या बढ़ा कदम आहिस्ता अपने 
के पहली बार आयी है ये शब-ए-शाद मेरे जीवन में

शब-ए-शाद---खुशियों की रात

Tuesday, August 10, 2010

...आ जाओ

मोहब्बत नहीं तो इंसानियत की खातिर आ जाओ
अपने इस दीवाने की राहत की खातिर आ जाओ
किस दर पे ना सजदे किये है मैंने तेरी आरजू में
दिल ने मांगी हुवी मन्नत की खातिर आ जाओ

Wednesday, July 21, 2010

...चुभने लगे है

सफिने इश्क के दर्या-ए-वक़्त में डूबने लगे है
महल उन ख्वाबो के मेरे आगे टूटने लगे है
जिनको  समझ के फूल लगाके रखा है सीने से   
वोही अब काटा बनके दिल को चुभने लगे है

Wednesday, July 14, 2010

क्या करे

इमकानात सफ़र के ही जो ना रहे
तो अब इंतजार-ए-हमसफ़र क्या करे
सु-ए-उफक-ए-उम्मीद भी देखे क्यों
डोर सासों की रही मुख़्तसर क्या करे  

इमकानात-शक्यता
उफक-क्षितिज
मुख़्तसर-थोड़ी(Short)

Saturday, June 19, 2010

...तुम्हे रुला देता

हकीकत मैं अपनी जो तुम्हे सुना देता
इक बार अपने दर्द से तुम्हे रुला देता
मोती उन अश्को के सीने से लगा के
अपनी ख्वाहिशो को ता-उम्र भुला देता

Friday, January 15, 2010

वो ख्वाब क्या हुवे

वो ख्वाब क्या हुवे,जो हकीकत की राह चले थे
वो चराग क्यों बुझे,जो अपनी दुनिया में जले थे
क्या आ के लौट ही जाना था,चमन से बहारो को
क्या दूर ही जाने को हम से,आखिर वो मिले थे