Wednesday, July 29, 2009

बेचैन जिंदगी

गमो का साथ भी हमने निभा के देख लिया
अपनी हसरतो को कुछ बुझा के देख लिया
सुकू कही भी हासिल नही होता हमे यहाँ पर
ज़िंदगी को हर मुमकिन आज़मा के देख लिया

Monday, July 27, 2009

खोया मयखाना

उनके ख़याल में खोती थी सुबह शाम अपनी
कोई भी याद न बची लेकिन आज भुलाने को
बेवफाई के तुफाँ ने उडा दिया मयखाना मेरा
एक बूंद भी अब मिलती नही पिने पिलाने को

Sunday, July 26, 2009

तेरा सहारा भी नही....

शीशे ने मुझको अक्स मेरे दिखाए झूठे
काश तेरी निगाह में देख लेता ख़ुद को
तुम भी तो लेकिन आखे चुराए बैठे हो
पाउ कैसे अब मेरे खोये हुवे वजूद को

Monday, June 29, 2009

तलाश

जलवों की धुप है लेकिन,वो उल्फत के साये कहा है
थाम सके जो जिंदगी मेरी,वो नाजुक सी बाहे कहा है
अपनी नजरो ने तो देखे है,दुनिया के रंगीन नज़ारे
अक्स अपना देख सकू जिसमे,वो निगाहे कहा है

Saturday, June 27, 2009

....नूर अफ्शां है

नाम-ऐ-मोहब्बत पे दिल आज भी फरमा-ऐ-सजदा है
दिल-ऐ-शिकस्ता में आज भी और टूटने का जज्बा है
कौन कहता है अंधेरे होते है चिराग के टूट जाने से
बुझके भी शमा-ऐ-इश्क मेरी,आज भी नूर अफ्शां है

फरमा-ऐ-सजदा-सर झुकानेवाला
नूर अफ्शां -रोशनी फैलानेवाली

Monday, June 22, 2009

मोहब्बत

तेरे ख्वाब में रात गुजरी,सुबह आयी तो हसरत हुवी
दिल के बदले में दिल गया,क्या खूब ये तिजारत हुवी
एक दर्द मीठा सा कैद हो चला है दिल के आगोश में
करवट बदली हालात ने,जो मुझे उनसे मोहब्बत हुवी

Thursday, May 28, 2009

ना कही के रहे

ना मौत मिली हमें,ना हम जिंदगी के रहे
ना आसमाँ पे पोहचे,ना हम जमी के रहे
ना उनको पाया और ना ही उन्हें भूल सके
मोहब्बत में आख़िर,ना हम कही के रहे