ना मौत मिली हमें,ना हम जिंदगी के रहे
ना आसमाँ पे पोहचे,ना हम जमी के रहे
ना उनको पाया और ना ही उन्हें भूल सके
मोहब्बत में आख़िर,ना हम कही के रहे
Thursday, May 28, 2009
Wednesday, May 27, 2009
अब तो चली आ
जजबातों का है इस दिल पे जोर,अब तो चली आ
तड़प का आलम है चारो और,अब तो चली आ
सहा नही जाता धडकनों का शोर,अब तो चली आ
टूटने को है ये सासों की डोर,अब तो चली आ
तड़प का आलम है चारो और,अब तो चली आ
सहा नही जाता धडकनों का शोर,अब तो चली आ
टूटने को है ये सासों की डोर,अब तो चली आ
Sunday, May 3, 2009
Monday, April 6, 2009
दिल की चुभन
छुडाना चाहू फ़िर भी छुटता नही दामन बे-करारी का
दिल में जो है चुभे हुवे,उन काटों में फस जाता है अक्सर
दिल में जो है चुभे हुवे,उन काटों में फस जाता है अक्सर
Sunday, March 22, 2009
सुबह अपनी नही
हम जो चलते रहे,तो ये रात साथ चलती रही
हर बढ़ते कदम पर,सुबह की आस ढलती रही
दुनिया ने तो देख लिए सूरज के चढ़ते नज़ारे
खुशिया मेरी लेकिन अपनी आँख मलती रही
हर बढ़ते कदम पर,सुबह की आस ढलती रही
दुनिया ने तो देख लिए सूरज के चढ़ते नज़ारे
खुशिया मेरी लेकिन अपनी आँख मलती रही
Saturday, March 14, 2009
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