कोई तो कह दो उनसे के पल पल कोई तड़पता है
लाख करे कोशीशे मगर न अब दिल सम्हलता है
जाऊ तो जाऊ कहा अब मैं ये दिल-ऐ-बेताब लेके
हर रास्ता मेरी जिंदगी का उन तक आके ठहरता है
Saturday, October 18, 2008
Saturday, September 20, 2008
जिंदगी-एक परछाई
ख्वाब में देखी जो बहारे,हकीकत में है वो मुरझाई सी
अपनी थी ये दुनिया,अब नजर आती है वो हरजाई सी
पास नही है गर कुछ तेरे,तो साथ न देंगे तेरे साये भी
ढूंढे कैसे वजूद जिंदगी का,जो ख़ुद लगती है परछाई सी
अपनी थी ये दुनिया,अब नजर आती है वो हरजाई सी
पास नही है गर कुछ तेरे,तो साथ न देंगे तेरे साये भी
ढूंढे कैसे वजूद जिंदगी का,जो ख़ुद लगती है परछाई सी
Thursday, September 11, 2008
मेरे साथ चलो
कुछ पल के लिए ही सही,मेरे साथ तुम चल के तो देखो
किसी की खातिर तुम कभी,अपनी राह बदल के तो देखो
हा!है मजा अपना तन्हाई में भी,मगर हर पल तो नही
मिटाके कभी अपनी हस्ती,किसी और में ढल के तो देखो
किसी की खातिर तुम कभी,अपनी राह बदल के तो देखो
हा!है मजा अपना तन्हाई में भी,मगर हर पल तो नही
मिटाके कभी अपनी हस्ती,किसी और में ढल के तो देखो
Wednesday, September 10, 2008
कोशिशे कहा...
दिल में अब वो आरजू कहा,किसीको पाने की ख्वाहिशे कहा
किसीकी अब वो जुस्तजू कहा,किसी के लिए वो आतिशे कहा
वीरा है इस दिल की दुनिया,न कोई आहट न कदमो के निशा
सीने में अब वो दिल कहा,दिल में धड़कने की वो कोशीशे कहा
किसीकी अब वो जुस्तजू कहा,किसी के लिए वो आतिशे कहा
वीरा है इस दिल की दुनिया,न कोई आहट न कदमो के निशा
सीने में अब वो दिल कहा,दिल में धड़कने की वो कोशीशे कहा
Sunday, September 7, 2008
अब न तरसाओ
किसके ख़याल में यु चुपके से मुस्कुरा देते हो
क्या जानो तुम इस तरह दिल धड़का देते हो
अब तो कह दो,न छुपाओ अब ये राज हमसे
अपनी खामोशी से हमे तुम और तरसा देते हो
क्या जानो तुम इस तरह दिल धड़का देते हो
अब तो कह दो,न छुपाओ अब ये राज हमसे
अपनी खामोशी से हमे तुम और तरसा देते हो
Wednesday, August 27, 2008
पत्थर दिल
दिल पे रख दिया कोई,या दिल को पत्थर बनाया हमने
न देख सके अब और कोई,ऐसा एक मंजर बनाया हमने
गम उठाये जो हमने इश्क में,हम ही तक रखेंगे उन को
अब न रोयेगा कभी ये दिल,इतना बे-असर बनाया हमने
न देख सके अब और कोई,ऐसा एक मंजर बनाया हमने
गम उठाये जो हमने इश्क में,हम ही तक रखेंगे उन को
अब न रोयेगा कभी ये दिल,इतना बे-असर बनाया हमने
वो हमारा हो गया
दर्द इश्क का जब से दिल को गवारा हो गया
मेरे तसव्वुर में हर तरफ़ तेरा नजारा हो गया
अक्सर लहराती बर्क़ सीने में,ये समझाती है
कोई जन्नत से जमी पे उतरा,हमारा हो गया
मेरे तसव्वुर में हर तरफ़ तेरा नजारा हो गया
अक्सर लहराती बर्क़ सीने में,ये समझाती है
कोई जन्नत से जमी पे उतरा,हमारा हो गया
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