Tuesday, June 18, 2013

फिर आखो में है तुफा...

फिर आखो में है तुफा,फिर लगा ये दिल धड़कने 
फिर ख्वाब-ओ-ताबीर में जीस्त लगी है उलझने 
फिर एक शिद्दत सी मेरी सासों में है जागी हुवी 
फिर जिस्म-ओ-रूह मेरी आज लगी है तडपने  





Tuesday, February 5, 2013

...बेवफाई तुम्हारी

अब और न सहेंगे हम ये बेवफाई तुम्हारी 
चाहे सहनी पड़ी अब हमे ये जुदाई तुम्हारी 
बड़े गम-गुसार बने फिरते हो तुम जहा में 
तुम्हारे पास ही रखो अब ये खुदाई तुम्हारी 

Monday, January 7, 2013

...न ले जाओ

मै रहना चाहता हु जमी पे,मुझे आसमा तक न ले जाओ 
मै तो हु बे-घर ही अच्छा,मुझे आशिया तक न ले जाओ 
ये कैसा हुजूम देख रहा हु मै इन अजनबी लोगो का 
तनहा ही रहने दो मुझको,उस कारवा तक न ले जाओ 

Monday, August 27, 2012

जब से छोड़ा है तुमने मुझ को 
तुम तो अब तुम्हारे भी न रहे 
जिन सितारों की खातिर तुमने चाँद को है ठुकराया 
अफ़सोस! फलक पे अब वो सितारे भी न रहे ......

Monday, March 5, 2012

...ऐसा कुछ भी नहीं

मुझे तुमसे नफरत है,ऐसा कुछ भी नहीं
दिल को एक गैरत है,ऐसा कुछ भी नहीं
बाकी है यादे तेरी,मेरे मजलिस-ए-दिल में
ये दौर-ए-खिलवत है,ऐसा कुछ भी नहीं

Monday, November 28, 2011

...तुम भी नहीं

मुझको बेवफा कहनेवालो,बा-वफ़ा तो तुम भी नहीं
मेरे गमो पे हसनेवालो,खुशनुमा तो तुम भी नहीं
मेरे जख्मो से कुछ तो वास्ता है आखिर तुम्हारा भी
मुझको मार के बचनेवालो,यु तो जिन्दा तुम भी नहीं

Friday, November 4, 2011

...मुलाकात होनी चाहीये

हालात हो न हो मगर आपस में कुछ बात होनी चाहीये
हम कुछ खेले न खेले,बिछी हुवी ये बिसात होनी चाहीये
सुख के उन धागों में आज,वो एक असर नहीं ना सही
चलते चलते किसी मोड़ पर,एक मुलाकात होनी चाहीये