Wednesday, March 11, 2009

तड़प उम्रभर की

कैसा असर छोड़ गये वो न आ के जिंदगी में
बेख्वाबी,बेचैनी से ताल्लुक बन गया हमारा

बेख्वाबी-नींद न आना

Tuesday, March 10, 2009

दूर जाना मंजिल का...

फ़िर वोही ये दास्ताँ,फ़िर टूट जाना दिल का
दर्या के पास हो के प्यासा रह जाना साहिल का
कब तक चलेंगे यु ही सीतम अपनी किस्मत के
करीब आते आते हर पल दूर जाना मंजिल का

Monday, March 9, 2009

मेरा वजूद

बड़े ना-आशना थे हम पहले इस जहाँ में,
तेरी आरजू में मिटे तो वजूद बना हमारा


ना-आशना-अजनबी

Wednesday, February 18, 2009

ख़ुद को भुला दिया

होश में आ गए हम होश गवाने के बाद
एक कतरा भी पी न सके जाम उठाने के बाद
कुछ भी याद नही मुझे बस एक तेरे सिवा
तुझको पा लिया है मैंने खुदको भुलाने के बाद

Monday, February 16, 2009

तुम्हे भुलाऊ कैसे?

तेरे गम के पियाले होठो से लगाऊ कैसे?
शम्मा अपने इश्क की ख़ुद बुझाऊ कैसे?
कितनी हसरत से सजाये थे ख्वाब मैंने
बसाके तुम्हे अपने दिल में भुलाऊ कैसे?

Wednesday, February 11, 2009

मोहब्बत जिंदगी है

याद उनके तबस्सुम आये,तो अश्क बहने लगे
तड़प के इस दिल के जर्रे कुछ और दर्द सहने लगे
भुलाने से भूल जाये ये फलसफा-ऐ-इश्क कहाँ?
नही सिवा उनके ये जिंदगी,दिल के तार कहने लगे

Monday, January 26, 2009

तू है वही

जाने क्यों लगता है मुझे,के तू है वही
तलाश जिसकी मुझको,सदियों से रही
वर्ना और भी है यहाँ दिल लुभाने वाले
जो बात तुझमे है,वो किसी और में नही