Wednesday, September 10, 2008

कोशिशे कहा...

दिल में अब वो आरजू कहा,किसीको पाने की ख्वाहिशे कहा
किसीकी अब वो जुस्तजू कहा,किसी के लिए वो आतिशे कहा
वीरा है इस दिल की दुनिया,न कोई आहट न कदमो के निशा
सीने में अब वो दिल कहा,दिल में धड़कने की वो कोशीशे कहा

Sunday, September 7, 2008

अब न तरसाओ

किसके ख़याल में यु चुपके से मुस्कुरा देते हो
क्या जानो तुम इस तरह दिल धड़का देते हो
अब तो कह दो,न छुपाओ अब ये राज हमसे
अपनी खामोशी से हमे तुम और तरसा देते हो

Wednesday, August 27, 2008

पत्थर दिल

दिल पे रख दिया कोई,या दिल को पत्थर बनाया हमने
न देख सके अब और कोई,ऐसा एक मंजर बनाया हमने
गम उठाये जो हमने इश्क में,हम ही तक रखेंगे उन को
अब न रोयेगा कभी ये दिल,इतना बे-असर बनाया हमने

वो हमारा हो गया

दर्द इश्क का जब से दिल को गवारा हो गया
मेरे तसव्वुर में हर तरफ़ तेरा नजारा हो गया
अक्सर लहराती बर्क़ सीने में,ये समझाती है
कोई जन्नत से जमी पे उतरा,हमारा हो गया

Thursday, August 14, 2008

तुझे मेरी कसम

नही चैन इस दिल को,दिल-ऐ-बेकरार की कसम
अब और नही आरजू कोई,तेरे इंतजार की कसम
है यकीं इतना,रहूँगा मैं भी तेरे दिल के आशियाने में
न करना अब इन्कार,तुझे मेरे ऐतबार की कसम

Wednesday, August 13, 2008

डूबती जिंदगी

बीच भवर में हम है फसे और लहरें भी हुवी बेवफा
फासले ऐसे में साहिल से हर पल हो रहे है जियादा
कही इतनी दुरी न हो जाए,के देख सके न हमे कोई
तन्हाई में मिट के रहेगी वरना इस जिंदगी की दास्ताँ

Sunday, August 10, 2008

तमाशा जिंदगी का

चैन से ये भी न गुज़रेगा,जो वक्त बचा है ज़रासा ज़िंदगी का
जी ते जी कितनी बार उठेगा अब और जनाजा ज़िंदगी का
एक लम्हा भी न हासिल हुवा कभी,नाज़ कर लेते जिस पे हम 
ऐ खुदा रहने दे,बहोत हो चुका अब ये तमाशा ज़िंदगी का